शलाका - 39

मनीषा धुर्वे

सुनीता भावोर

बत्तीस वर्षीय युवा गोण्ड चित्रकार मनीषा धुर्वे का जन्म मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल डिण्डोरी जिले के एक छोटे से ग्राम बीजापुरी में हुआ। कृषक पिता श्री तीथलाल की तीन संतानों में आप सबसे छोटी हैं। जंगल-पहाड़ों से घिरे ग्रामीण वातावरण और प्रकृति के सान्निध्य में आपका बचपन गुजरा।

आपने मात्र प्राथमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है, क्योंकि इसके आगे की शिक्षा के लिए आसपास स्कूल नहीं था। आपका विवाह वर्ष 2012 में श्री संतोष धुर्वे के साथ हुआ, जो गोण्ड चित्रकला के चर्चित कलाकार हैं। आपके दो बच्चे हैं।

विवाह के पश्चात् पति के सान्निध्य और मार्गदर्शन में आपने पारम्परिक गोण्ड चित्रकला की बारीकियों को जाना-समझा और सीखा; तथा उनके सहायक के रूप में कार्य किया। गोण्ड चित्रकार श्री रामनारायण मरावी के चित्रकर्म से भी आप अत्यन्त प्रेरित और प्रभावित हैं, वे पारिवारिक रिश्ते में आपके मामा ससुर लगते हैं।

वर्तमान में आप अपने पति के साथ भोपाल में रहकर ही स्वतंत्र एवं पति के साथ चित्रकला कर्म में सृजनरत हैं। आपने देश-प्रदेश की कुछ संयुक्त चित्रकला प्रदर्शनियों में सहभागिता की है। आपके चित्रों में जंगल-पहाड़, पशु-पक्षी के साथ जनजातीय संस्कार विशेष तौर पर द्रष्टव्य होते हैं।

आप अपनी सफलता का सम्पूर्ण श्रेय अपने पति श्री संतोष धुर्वे को देती हैं, जिनकी सतत् प्रेरणा और मार्गदर्शन ने आपकी चित्रकला को सुघड़ बनाया।

संपर्क

संपर्क : सूरज नगर, सेवनियां गोण्ड भदभदा रोड, भोपाल (मध्यप्रदेश)

मोबाइल : 7987585139