Entry Fees : Rs. 20/- per Indian Visitor.
Rs. 400/- per Foreigner.
Camera Charges - Rs 100/- per Camera
बत्तीस वर्षीय युवा भीली चित्रकार सुनीता भावोर का जन्म मध्यप्रदेश के जनजातीय बहुल झाबुआ जिले के ग्राम कुन्दनपुर, भांडाखेड़ा में हुआ। कृषक पिता खुमानसिंह की चार संतानों में आप दूसरे नम्बर की हैं। जंगल-पहाड़ों से घिरे ग्रामीण वातावरण और प्रकृति के सान्निध्य में आपका बचपन गुजरा। आपने मात्र प्राथमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है।
आपका विवाह वर्ष 2009 में अनिल भावोर के साथ हुआ और आपके दो बच्चे हैं। वर्तमान में आप भोपाल में रहकर चित्रकला कर्म में निरंतर सृजनरत हैं। आपके पति भी भीली चित्रकला के चर्चित कलाकार हैं। विवाह के पश्चात् आपने अपनी छोटी बहन संगीता ताहेड़ के मार्गदर्शन में भीली चित्रकला की बारीकियों को सीखा। पद्मश्री भूरीबाई और लाडोबाई आपके पारिवारिक रिश्ते में लगती हैं और उनके चित्रकर्म से आप अत्यन्त प्रेरित हैं।
आपने नयी दिल्ली, इंदौर सहित देशभर में आयोजित चित्रकला प्रदर्शनियों में भाग लिया है। आपके चित्रों में जंगल-पहाड़, पशु-पक्षी और जनजातीय संस्कार विशेष तौर पर द्रष्टव्य होते हैं। आप अपनी सफलता का सम्पूर्ण श्रेय अपनी छोटी बहन संगीता ताहेड़ को देती हैं।